Feng-shuiHouseholdOthers

फेंग शुई: घर के लिए उपयोगी

दूसरे देशों सहित भारत में भी फेंगशुई का चलन दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इसका प्रमुख कारण है कि इसके आसान टिप्स। यह टिप्स इतने सरल होते हैं जो आसानी से किए जा सकते हैं। देखा जाए तो फेंगशुई चीन का वास्तु शास्त्र है। इसे चीन की दार्शनिक जीवन शैली भी कहा जा सकता है, जो ताओवादी धर्म पर आधारित है। फेंग यानि वायु और शुई यानि जल अर्थात फेंगशुई शास्त्र जल व वायु पर आधारित है। अन्य देशों में भी यह बेहद लोकप्रिय है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे तो आप भी फेंगशुई के आसान टिप्स अपना सकते हैं। बाजारों में फेंगशुई से संबंधित अधिकांश वस्तुएं सुगमता से उपलब्ध हो जाती हैं, उन्हीं से कुछ इस प्रकार हैं-

मुख्य द्वार

फेंगशुई के अनुसार ची ऊर्जा जिसे कॉस्मिक ब्रेथ या लाइफ फोर्स एनर्जी भी कह सकते हैं, हर घर में मुख्य द्वार से Feng-shui-tips-of-front-door-528x320प्रवेश करती है। इसलिए घर के मुख्य द्वार के आगे या आस-पास कोई सामान नहीं होना चाहिए। घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ़ सुथरा रहना चाहिए, अपने घर के दरवाजे के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में संपत्ति जैसा सौभाग्य लाने का सर्वोत्तम मार्ग है। आप तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे अथवा रिबन में बांध कर अपने घर के हैंडल में लटका सकते हैं। इससे घर के सभी लोग लाभान्वित होंगे। ये सिक्के दरवाजे के अंदर की ओर लटकाने चाहिए न कि बाहर की ओर। मुख्य द्वार के ठीक सामने यदि कोई बड़ी खिडकी हो तो उसपर पर्दा लगा दें अन्यथा मुख़्य द्वार से आने वाली सकारात्मक ऊर्जा खिडकी के माध्यम से बाहर प्रवाहित हो जाती है।

बैठक कक्ष

बैठक कक्ष वह स्थान है जहाँ हम घर में आए अतिथियों का स्वागत करते हैं। अतिथियों की पहली नजर इसी कमरे पर पड़ती है। यह वह स्थान है जहाँ परिवार के सदस्य कुछ समय बैठ कर दैनिक विचार विमर्श करते हैं, इस प्रकार कहा जा सकता है कि बैठक कक्ष घर का दिल होता है। बैठक कक्ष में मुख्य द्वार के माध्यम से पहुंचते हैं। बैठक कक्ष प्रवेश द्वार के पास होना चाहिए। फर्नीचर दक्षिण अथवा पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। अगर फर्नीचर पूर्व या उत्तर दिशा में रखना हो तो वज़न में हल्का होना चाहिए। फर्नीचर सीधे फर्श के संपर्क में नहीं होना चाहिए 1 से 3 इंच का अंतर होना चाहिए। फर्नीचर के नीचे लकड़ी के पावे हो तो शुभ रहता है। जहाँ तक हो सके पूर्व और उत्तर में भारी सामान रखने से बचना चाइए। फर्नीचर आयताकार या वर्गाकार होना चाहिए । फर्नीचर अंडाकार, त्रिकोणाकार, गोलाकार अथवा अनियमित आकार का नहीं होना चाहिए। जहाँ तक संभव हो उत्तर-पूर्व कोने को साफ़ सुथरा रखना चाहिए। चीजों को बेहतर बनाने के लिए इस कोने में स्वच्छ पौधे रखे जा सकते हैं। सही दिशा में मछलीघर रखने से परिवार में खुशहाली आती है। दक्षिण में मछलीघर नहीं रखना चाहिए। उत्तर में पानी का फव्वारा रखा जा सकता है।

शयनकक्ष

किसी भी घर में शयनकक्ष सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है,  इसी प्रकार आपका बेड सबसे महत्वपूर्ण फर्नीचर है क्योंकि इस  पर आप  दिन के कई घंटे आराम करने में बिताते हैं। आपके बेड की स्थापना इस प्रकार होनी चाहिए की जब आप उस पर  लेटे हों तो शयनकक्ष का दरवाजा दिखाई देता हो , यदि ये संभव न हो तो एक आईना इस प्रकार लगाएं की आपके शयनकक्ष का दरवाजा उसमे दिखता रहे।  लव बर्ड, मैंडरेन डक जैसे पक्षी प्रेम के प्रतीक हैं, इनकी छोटी मूर्तियों का जोड़ा अपने बेडरूम में रखें। इनसे दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा। बेडरूम में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वहां पानी की तस्वीर वाली पेंटिंग हर्गिज न लगाएं इसके स्थान पर रोमांटिक कलाकृति जैसे युगल पक्षी की तस्वीर लगा सकते हैं, ये तस्वीर आपकी लाइफ को रोमांस से भर देगी। अपने शयनकक्ष में रखे टेलीविज़न को प्रयोग न करते समय उसे किसी कपड़े से ढक कर रखें  इससे शयनकक्ष में शांत ऊर्जा का प्रवाह होगा। दांपत्य सुख के लिए बेडरूम के दक्षिण-पश्चिम में क्रिस्टल ग्लास के बने झाडफ़ानूस का इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें लाल बल्ब लगाएं। ये बहुत ही खास उपाय है  इसी प्रकार कमरे की दीवार को नीले रंग से पेंट कराने पर वहां का वातावरण तनाव मुक्त हो जायेगा।

अध्यन कक्ष

अध्यन कक्ष इस  प्रकार होना चाहिए की अध्ययन करते समय कक्ष का दरवाजा हमारे ठीक पीछे नहीं होना चाहिए यदि ऐसा संभव न हो तो एक आईने को इस प्रकार इस्थापित  करें की उसमे कक्ष का द्वार साफ़ दिखी दे।  छत पर लगे बीम के ठीक नीचे नहीं बैठना चाहिए। जिस कुर्सी पर आप बैठते हैं उसके पीछे मजबूत व ठोस दीवार होनी चाहिए।  यदि पीछे की तरफ कोई खिडकी हो तो उसपर परदे होने चाहिए। फोकस लाइट का प्रयोग नहीं करना चाहिए इनसे निकलने वाली ईंग ऊर्जा से मानसिक तनाव उत्पन्न होता है।  अध्यन कक्ष में किसी इस्थान पर बुद्धा की प्रतिमा लगाने से  ज्ञान में वृद्धि होती है।

बाथरूम

पानी फेंग शुई के बुनियादी तत्वों में से एक है और धन का  प्रतीक भी है। आपका बाथरूम  घर में  उन जगहों में से एक है जहाँ से आपके घर का पानी बहार जाता है। जाहिर है, हम अपने धन को बाहर  नहीं बहाना चाहते । इस प्रभाव को कम करने के लिए, शौचालय सीटें कम  रखें तथा  बाथरूम के दरवाजे को भी बंद रखना चाहिए। दिन में जितनी भी बार बाथरूम का प्रयोग करें, ध्यान रखे की उसका दरवाजा खुला न छूटे। बाथरूम का दरवाजा खुला रहना अच्छा नहीं माना जाता। अगर बेडरूम में भी बाथरूम है तो उसके दरवाजे पर पर्दा लगाना चाहिए। बाथरूम और बैडरूम में अलग-अलग तरह की ऊर्जाए होती है, जिनका संपर्क में आना अच्छा नहीं होता। ऐसा होने से घर के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

रसोईघर

रसोईघर, घर का एक महत्त्वपूर्ण भाग है। यदि मनुष्य अच्छा भोजन करता है तो उसका दिन भी अच्छा गुजरता है। दुनिया के हर धर्म में रसोईघर को बेहद अहम माना जाता है। फेंगशुई के अनुसार रसोईघर को घर के पूर्व व दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि ये दोनों दिशाएँ वायु और प्रकाश का संचालन करती हैं। रसोईघर की दीवारों का रंग सफेद रखना चाहिए। सफेद रंग स्वच्छता की निशानी माना जाता है। रसोईघर में टूटे हुए बर्तन, और शीशा कभी नहीं रखने चाहिए। ऐसी चीजें अशुभ साबित हो सकती हैं। जरूरत न होने पर रसोई का दरवाजा बंद ही रखना चाहिए। झाडू और पोछे को रसोईघर से दूर रखना चाहिए। ऐसी चीजें घर में अन्न की कमी का आभास कराते हैं। रसोईघर को घर में मुख्य प्रवेश द्वार के सामने नहीं होना चाहिए। रसोईघर में बिजली के अत्यधिक उपकरण नहीं रखने चाहिए। चाकू, कैंची या किसी अन्य कटार को रसोईघर की दीवार पर नहीं लटकना चाहिए। इस्तेमाल में न आने वाले बर्तन व बासी भोजन को रसोईघर में न रखना चाहिए।

जल का फव्वारा

अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बनाये रखने  के लिए घर में पानी के एक झरने की स्थापना करें। जल तत्व  के लिए सबसे उपयुक्त स्थान घर का मुख़्य द्वार है इसलिए  इसे आप घर के मुख़्य द्वार के पास ही रखें चाहे घर के अंदर या बहार। सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है की जल का  प्रवाह घर के केंद्र की ओर ही होना चाहिए जिससे सकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने का अवसर प्राप्त हो सके।  फेंगशुई के अनुसार घर में झरने, नदी आदि के चित्र उत्तर दिशा में लगाने चाहिए। घर में हिंसक तस्वीर कभी नहीं लगाएं, इससे घर में नकारात्मकता आ सकती है।

संगीत

फेंग शुई में संगीत का महत्वपूर्ण  स्थान है।  संगीत  एक सकारात्मक और सुखदायक तत्व है। यदि आपके घर में अत्यधिक शांति है तो यहाँ यिन अर्थात निष्क्रिय ऊर्जा की  बहुतायत है, जो परिवार के सदस्यों को अस्वस्थ बना सकती  है । यांग, या अच्छी  ऊर्जा प्राप्त करने के लिए, कुछ महीनों के लिए सप्ताह में एक बार कम से कम दस मिनट के लिए मधुर संगीत चलाएं । ऐसा करने से, आप अपनी ऊर्जा के स्तर में एक स्थायी सुधार अनुभव करेंगे।

पौधे

आपके घर में पौधों का विशेष स्थान है।  पौधों से घर में जीवंत ऊर्जा  ची का आवागमन  होता है। सकारात्मक ऊर्जा के लिए मुख्य रूप से  लिली, बांस और जेड जैसी  किस्मों  बड़े पौधे उपयोगी हैं। इन पौधों को  अपने घर भर में विभिन्न कमरों में रखें। फेंगशुई के अनुसार बांस के पौधे सुख-समृद्धि के प्रतीक हैं। इनसे परिवार के सदस्यों को पूर्ण आयु व अच्छी सेहत मिलती है। घर की बैठक में जहां घर के सदस्य आमतौर पर एकत्र होते हैं, वहां बांस का पौधा लगाना चाहिए। पौधे को बैठक के पूर्वी कोने में रखें।  यदि आपके पास कम स्थान है तो छोटे किस्म के पोधे अपने घर में रखें।  ध्यान रहे कि फेंगशुई में बोनसाई और कैक्टस को हानिकारक माना जाता है। क्योंकि, बोनसाई प्रगति में बाधक एवं कैक्टस हानिकारक होता है। इसलिए भूलकर भी इन्हें घर में न रखें।

Leave a Reply